राफेल से आपके देश का ही फायदा.. भारत-फ्रांस डील पर मैक्रों का विपक्ष को जवाब!



फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के भारत दौरे के दौरान राफेल डील को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें दिखाया गया कि मैक्रों ने भारतीय वायुसेना की अक्षमता की वजह से डील रद्द करने की बात कही है। हालांकि, यह वीडियो पूरी तरह से AI-जनरेटेड फेक निकला । इस मामले पर जब मैक्रों से सवाल पूछा गया तो उन्होंने साफ किया कि राफेल डील से भारत को ही सबसे ज्यादा फायदा है और विपक्ष की आलोचनाएं बेबुनियाद हैं।

क्या है पूरा मामला?

फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 17 से 19 फरवरी 2026 तक भारत दौरे पर हैं। इस दौरान 114 राफेल लड़ाकू विमानों की डील पर बातचीत हो रही है, जिसकी कीमत करीब 35 अरब डॉलर (लगभग 3.60 लाख करोड़ रुपये) आंकी जा रही है । इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें मैक्रों पर भारतीय वायुसेना पर आरोप लगाने का दावा किया गया।

AI फेक वीडियो का सच

वीडियो में दावा किया गया था कि मैक्रों ने दासॉ एविएशन के शेयरों में गिरावट और भारतीय वायुसेना की अक्षमता की वजह से फ्रांस ने भारत की रक्षा साझेदारी की मांग ठुकरा दी है । लेकिन जांच में यह वीडियो पूरी तरह फर्जी पाया गया। न्यूजचेकर की रिपोर्ट के मुताबिक, यह वीडियो 17 फरवरी 2026 के ANI के लाइव फुटेज से क्रॉप करके बनाया गया था, जिसमें असली ऑडियो की जगह फेक ऑडियो डब किया गया । AI-डिटेक्शन टूल ने इसे फर्जी करार दिया ।

मैक्रों का विपक्ष को जवाब

जब मैक्रों से इस पूरे विवाद पर सवाल किया गया तो उन्होंने साफ कहा कि यह डील भारत के हित में है। बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, इंडिया टुडे के एक सवाल के जवाब में मैक्रों ने कहा:

“मुझे समझ नहीं आता कि लोग इसकी आलोचना कैसे कर सकते हैं। इससे आपका देश मजबूत होता है, हमारे बीच रणनीतिक रिश्ते मजबूत होते हैं और यहां रोजगार पैदा होते हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि डील का कॉमर्शियल हिस्सा दासॉ एविएशन और भारत सरकार के बीच तय हो रहा है, और फ्रांस सिर्फ रणनीतिक साझेदारी को मजबूत कर रहा है।

राफेल डील की पूरी डिटेल्स

डील की मुख्य बातें जानकारी
कुल विमान 114 राफेल लड़ाकू विमान
अनुमानित कीमत 35 अरब डॉलर (करीब 3.60 लाख करोड़ रुपये)
मेक इन इंडिया अधिकतर विमान भारत में ही बनेंगे
पिछली डील्स 2016 में 36, 2024 में 26 नेवी के लिए
रणनीतिक साझेदारी 1998 से स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप

क्यों अहम है यह डील?

भारत लंबे समय से रूस पर अपनी रक्षा निर्भरता कम करना चाहता है और फ्रांस इसका अहम विकल्प बनकर उभरा है । 114 राफेल की यह डील भारत की अब तक की सबसे बड़ी रक्षा डील हो सकती है। विशेषज्ञ इसे ‘सदी का कॉन्ट्रैक्ट’ करार दे रहे हैं ।

भारतीय वायुसेना के पास फिलहाल 29 स्क्वॉड्रन ही हैं, जबकि जरूरत 42 स्क्वॉड्रन की है । ऐसे में यह डील वायुसेना की क्षमताओं को मजबूत करेगी।

भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी के नए आयाम

मैक्रों के इस दौरे में सिर्फ राफेल डील ही नहीं, बल्कि कई और अहम समझौते हुए हैं:

· एआई समिट: मैक्रों दिल्ली में AI इम्पैक्ट समिट 2026 में शामिल होंगे ।
· हेलीकॉप्टर प्लांट: कर्नाटक के वेमागल में टाटा-एयरबस का हेलीकॉप्टर प्लांट का उद्घाटन ।
· रक्षा विनिर्माण: अधिकतर राफेल विमान भारत में बनाए जाएंगे, जिससे डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा ।

विपक्ष क्या बोला?

विपक्ष ने डील को लेकर सवाल उठाए थे। शिलांग टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, विपक्ष ने संसद में पारदर्शिता की मांग की थी । हालांकि, मैक्रों के ताजा बयान के बाद अब विपक्ष की आलोचनाएं बेमानी हो गई हैं।

निष्कर्ष

फ्रांसीसी राष्ट्रपति के साफ बयान ने राफेल डील को लेकर सारे भ्रम दूर कर दिए हैं। यह डील न सिर्फ भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करेगी, बल्कि देश में रोजगार और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को भी बढ़ावा देगी। AI फेक वीडियो के जरिए भ्रम फैलाने की कोशिश करने वालों की अब पोल खुल गई है।

महत्वपूर्ण लिंक

· विदेश मंत्रालय, भारत सरकार: mea.gov.in
· फ्रांस का भारत में दूतावास: in.ambafrance.org
· रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार: mod.gov.in

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: क्या मैक्रों ने भारतीय वायुसेना की आलोचना की है?
उत्तर: नहीं, यह पूरी तरह से फर्जी खबर है। एक AI-जनरेटेड वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें मैक्रों के नाम से फर्जी ऑडियो डाला गया था। असली बयान में मैक्रों ने डील का बचाव किया है ।

प्रश्न 2: कितने राफेल विमान खरीदे जा रहे हैं?
उत्तर: 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदे जा रहे हैं, जिनमें से अधिकतर भारत में बनेंगे ।

प्रश्न 3: इस डील की कीमत कितनी है?
उत्तर: लगभग 35 अरब डॉलर (3.60 लाख करोड़ रुपये) ।

प्रश्न 4: क्या यह डील महंगी है?
उत्तर: विशेषज्ञों के अनुसार, यह डील भारत की रक्षा जरूरतों और रणनीतिक साझेदारी के लिहाज से अहम है। मेक इन इंडिया के तहत विमान भारत में बनेंगे, जिससे लागत भी कम होगी ।

प्रश्न 5: पहले भी भारत राफेल खरीद चुका है?
उत्तर: हां, 2016 में 36 राफेल वायुसेना के लिए और 2024 में 26 राफेल नेवी के लिए खरीदे जा चुके हैं ।

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